कोरोना से जंगः नई रणनीति के तहत माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनेंगे, घर-घर होगी जांच

कोरोना से जंगः नई रणनीति के तहत माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनेंगे, घर-घर होगी जांच

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महामारी से निपटने के लिए सरकार की नई रणनीति के तहत रेड जोन जिलों में माइक्रो (छोटे) कंटेनमेंट जोन बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों की पहचान कम समय में बेहतर तरीके से करना है। ये जोन गलियों, मोहल्ले या सोसायटी में बनाए जाएंगे। इन इलाकों में चिकित्साकर्मियों की टीमें घर-घर सर्वे करेंगी।

शुक्रवार को केंद्रीय सवास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने बताया, 733 जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है। रेड और ऑरेंज जोन में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पहले की तरह जारी रहेगी। इन्हीं जिलों में अब छोटे कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे। कंटेनमेंट जोन में एक बफर जोन भी होगा। इसके दायरे में यह पूरा इलाका होगा।
बफर जोन में भी आने वाले सभी सर्दी, जुकाम, बुखार जैसे लखण ग्रस्त फ्लू रोगी और सांस के रोगियों की पहचान कर उनकी कोविड जांच कराई जाएगी। इन जोन में आईसीएमआर द्वारा पहले से तय प्रोटोकॉल के अनुसार लोगों की कोरोना जांच भी हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि अब लड़ाई प्रसार की चेन को ब्लॉक करने की है। इसके लिए हर संभावित संक्रमित और उसके संपर्क में कौन-कौन आया, उन सभी का पता लगाने का अभियान छेड़ा जाएगा। संक्रमित मरीज किन-किन इलाकों में हैं, उसका विश्लेषण किया जाएगा।

इसकी पूरी कमान जिला प्रशासन के पास रहेगी। 21 दिन में अगर कोई नया केस नहीं आता है तो उसे ग्रीन जोन में तब्दील कर दिया जाएगा। ऐसे में अब कठोर मानदंड लागू करने के साथ स्पेशल टीमें भी तैनात की जाएंगी। यही टीमें घर-घर जाकर जांच करेंगी। चिकित्सीय प्रबंधन, जांच और सर्वे इत्यादि पर इन टीमों का फोकस होगा।

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